गनना- (sugarcane)

गनना- (sugarcane)

गन्ने की खेती का आरम्भ अब से 500 वर्ष पूर्व भारत
में हुआ था। बांस की जाति के इस पौधे से मीठा रस निकलता
है जिसका प्रयोग चीनी, खांडसारी तथा गुड़ बनाने के लिए किया
जाता है। विश्व की लगभग 65 प्रतिशत चीनी गन्ने से बनाई
जाती है। इस प्रकार गन्ने का हमारे भोजन में अप्रत्यक्ष रूप से
बहुत महत्त्व है। गन्ने की फ़सल लगभग एक वर्ष में और कहीं-कहीं
डेढ़ वर्ष में तैयार होती है।
1. उपज की दशाएँ–गन्ना उष्णकटिबन्धीय घास प्रजाति
का पौधा है, जिसकी खेती के लिए निम्नलिखित भौगोलिक दशाएँ
अनिवार्य हैं
(1) तापमान-गन्ने के लिए औसत से ऊँचा तापमान
चाहिए। गन्ने का अंकुर निकलते समय 20° सेल्सियस तथा
इसके पकते समय 30° सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है।
बहुत अधिक अथवा बहुत कम तापमान गन्ने की वृद्धि को रोकते
हैं। पाला इसके लिए हानिकारक हैं। पकने के समय शीतल
तापमान व शुष्क मौसम हो तो गन्ने के रस की मात्रा में वृद्धि होती हैं
(ii) वर्षा–गन्ना 75 से 150 से०मी० वार्षिक वर्षा वाले
क्षेत्र में भली-भाँति पनपता है। सिंचित क्षेत्रों में गन्ने की उपज
बढ़िया होती है क्योंकि इसे क्रमान्तर से ढीली व सूखी मौसमी
दशाएँ चाहिए। अधिक वर्षा गन्ने के रस को पतला कर
देती है।
(iii) मिट्टी-गन्ने की कृषि के लिए चूना तथा फास्फोरस
युक्त गहरी, प्रवाहित तथा उपजाऊ दोमट मिट्टी की आवश्यकता
होती है। गन्ना मिट्टी की उर्वरा-शक्ति को शीघ्र समाप्त कर
देता है। अतः इसके लिए नदी घाटियों की कांप मिट्टी सर्वश्रेष्ठ
होती है, जहाँ प्रतिवर्ष मिट्टी पर नवीन परत जम जाने से मिट्टी
‘में उपजाऊ तत्त्व सदा उपलब्ध रहते हैं। जहां कांप मिट्टी
नहीं होती वहाँ रासायनिक खाद की आवश्यकता पड़ती है। कुछ।
क्षेत्रों में गन्ना काली एवं लैटराइट मिट्टी पर भी पैदा किया जाता।
(iv) धरातल-गन्ने की खेती मैदानों में होती है। सागरी
वायु व धूप गन्ने के रस में मिठास भरते हैं। इसलिए अयनवत्त
तटीय मैदान गन्ने की कृषि के लिए आदर्श माने जाते हैं।
(v) श्रम-गन्ने की खेती के अधिकतर कार्य हाथ से
होते हैं। गन्ने की रोपाई करने, निराई-गुड़ाई करने, उसे काटने
तथा उन्हें बांधकर चीनी मिलों तक ले जाने के लिए पर्याप्त
मात्रा में सस्ते श्रमिकों की आवश्यकता होती है।
(vi) परिवहन-गन्ना एक भारी तथा जल्दी खराब होने
वाली फसल है। यदि इसे काटने के बाद 48 घंटे में मिलों में
इसकी पिराई न हो तो गन्ने का रस सूखने लगता है। अतः इसे
खेत से मिल तक शीघ्र ले जाने के लिए सस्ते एवं कुशल
परिवहन की आवश्यकता होती है।
2. गन्ने का विश्व-वितरण-विश्व में हर साल लगभग
194 लाख हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती की जाती है और
गन्ने का वार्षिक उत्पादन लगभग 128 करोड़ टन है। विशव के
प्रमुख गन्ना उत्पादक देश ब्राजील, भारत तथा चीन है। पाकिस्तान,
थाईलैंड, मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, कोलंबिया, क्यूबा व
संयुक्त राज्य अमेरिका अन्य प्रमुख गन्ना उत्पादक देश हैं।

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